Wednesday, April 25, 2012

कुछ बातें जो दिल को तडपाती हैं
शायद कभी हंसती हैं
या हर पल रुलातीं हैं
जीवन को बेचैन करतीं है
और कभी जीना सिखातीं हैं
कभी देखते थे चेहरे जिनके हम हर रोज़
आज उनसे बात करने को भी तरसाती है
शायद इसी का नाम जीवन है
जो हमे कभी हंसाती है ..और कभी रुलाती है ...:-\

Saturday, April 21, 2012

आंसुओं से कह दो की छुप जाएँ वो पलकों के नीचे
कि हर इक राज़ दिल का ये बयां कर जाएँगी
कि चाहत कि कहानी जो बयां ये लब न कर पाए
कि जो गर खुल गयीं आँखें तो बातें सब बयां कर जाएँगी ||

आंसुओं से कह दो की छुप जाएँ वो पलकों के नीचे
कि हर इक राज़ दिल का ये बयां कर जाएँगी
कि चाहत कि कहानी जो बयां ये लब न कर पाए
कि जो गर खुल गयीं आँखें तो बातें सब बयां कर जाएँगी ||

Wednesday, April 18, 2012

इज़हार-ऐ -मोहब्बत

कुछ वक़्त का तकाजा था , कुछ मौसम-ए-दस्तूर

तू थी दिल के पास मगर , फिर भी मुझसे दूर

पर एहसास एक हसीं मेरा तुझमे गहरा था

भूल नहीं सकता उस पल को मैं जब

तेरी आँखों में सजा शर्म का सुर्ख पहरा था

तू चुप थी मगर आँखें तेरी हर बात कह गयी

जो दिल में थी छुपी तेरे हर राज़ कह गयी

कि कितनी मोहब्बत है तुझे मुझसे जहान में

न चाहते हुए भी तू मुझे ये बात कह गयी ||

बातें हुई इशारों में कोई सुन न भी सका

तेरी आँखों ने जब कहा तो मैं इकरार कर सका

हाँ है मोहब्बत मुझको तेरे नाम से यहाँ

जो तुझसे है जुदा उस हर इक काम से यहाँ

है चाह ये मेरी की बस एक तू मिले मुझे

तेरे साथ सा मुक्कदस सहारा यूँ मिले मुझे

कि कट जाएँ हर इक पल मेरा तेरी पनाह में

और मौत जब मिले तो तेरे साथ ही यहाँ ||


Tuesday, April 3, 2012

दिल चाहता है

आज फिर तुमसे मिलने को दिल चाहता है

निगाहों में खिलने को दिल चाहता है

गुस्ताखियाँ तो बहुत की थी मैंने

मनमानी करने को दिल चाहता है ||

मोहब्बत की कुछ ये कहानी अजब है

अदाओं में पायी नयी ज़िन्दगी है

इशारों-इशारों में बातें क्या कर दी

निगाहें मिलाने को दिल चाहता है ||

तसव्वुर है तेरा तेरी बात है यूँ

की भूला जहाँ मैं नहीं याद खुद को

तेरी बातों ने ऐसा जादो किया है

की फिर झिलमिलाने को दिल चाहता है ||

तनहाइयाँ थी बहुत ज़िन्दगी में

थे गम मुझपे भरी, ख़ुशी मुझसे रूठी

तेरी चाहतों का असर कुछ हुआ यूँ

की फिर मुश्कुराने को दिल चाहता है ||