Wednesday, August 31, 2011

मैं

याद रखो तो इक निशानी हूँ मैं
खो दो तो इक कहानी हूँ मैं
समुन्दर की लहरों सा चंचल या
ठहरा हुआ पानी हूँ मैं
जीवन की भाग दौड़ में
हर दम लड़ता हुआ इक सेनानी हूँ मैं
कवी की कल्पना सा अद्भुत
या पंछियों सा आज़ाद प्राणी हूँ मैं
याद रखो तो इक निशानी हूँ मैं
खो दो तो इक कहानी हूँ मैं |

जीवन रूपी रेगिस्तान में
प्यार की तलाश में
दर दर भटकता एक सैलानी हूँ मैं
हँसना हँसाना काम है मेरा
शायद किसी जोकर की कहानी हूँ मैं
चाहत में जान तक लुटा दे जो
किसी ऐसे आशिक की जवानी हूँ मैं
ख़ुशी क लम्हे और गम के पल
रोक न पायें जिन्हें
आँखों में बहता वो पानी हूँ मैं
याद रखो तो इक निशानी हूँ मैं
खो दो तो इक कहानी हूँ मैं ||

Friday, August 26, 2011

पहली मुलाकात

कुछ यूँ उनसे मेरी मुलाकात हुई
बिन मौसम ही बरसात हुई
अलफ़ाज़ मिले न हमे उस पल
आँखों आँखों में बात हुई
बरसात हुई और बात हुई
यूँ पहली मुलाकात हुई ||

बिन सोचे हर इक बात हुई
यूँ पहली मुलाकात हुई
फिर हर इक छान और हर लम्हा
बस चाहत की बरसात हुई
यूँ पहली मुलाकात हुई
यूँ पहली मुलाकात हुई ||

आज़ाद सा पंछी था ये दिल
इक लम्हे में फिर रात हुई
आँखों में बसी तेरी सूरत
जाने कसी ये बात हुई
सपने थे मेरे कुछ और मगर
हर सपने में तुम साथ हुई
यूँ पहली मुलाकात हुई
यूँ पहली मुलाकात हुई ||

Friday, August 5, 2011

दोस्त

ज़िन्दगी है यूँ नशीली बिन पिए चढ़ जाती है
दोस्त जैसी ये दुआ बिन कुछ कहे मिल जाती है
होती है ऐसे मुकम्मल फिर हमारी ज़िन्दगी
राह की मुश्किल हमे खुद राह दे कर जाती है
होता है मुश्किल बड़ा जीना बिना इसके ये पल
साथ हो गर ये तो इक पल मौत भी रुक जाती है ||

छु सके हमको तन्हाई ये गंवारा है नहीं
कर सके कोई दुखी इनको गंवारा है नहीं
ये फ़रिश्ते है ज़मीं के है खुदा इनमे बसा
है अगर जो दोस्ती तो है इबादते खुदा ||

कहता है मुझेसे खुदा कि मिल नहीं सकता मैं रोज़
पर बना कर दोस्त मिलता है वो मुझसे हर जगह
प्यार बरसता है मुझपे मैं मिलूं उसे जिस जगह
पाकर इसको खो न देना न कोई इसकी तरह
है अगर ये पास तो बनता है मधुर जीवन मेरा ||